Indo-Pacific
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प्रशुल्क दर, भरोसा, और पारदर्शिता: भारत-यू.एस. व्यापार को स्पष्टता कैसे आकार देती है
कई माह के अटकलों, बहस और चिंता के उपरांत, भारत और अमेरिका ने फ़रवरी 2026 में एक व्यापार समझौते के लिए संयुक्त रूपरेखा की घोषणा की, जिससे 2025 की परेशानियों से संबंधों में चल रही उथल-पुथल का अंत हो गया।…
भारत-यूरोपीय संघ रक्षा समझौता: औद्योगिक तर्क और रणनीतिक संदर्भ
कई महीनों के वार्तालाप के उपरांत, भारत और यूरोपियन संघ 27 जनवरी, 2026 को एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर एक राजनैतिक पढ़ाव पर पहुँच गए। व्यापार समझौते को सार्वजनिक रूप से "सभी समझौतों की जननी" के रूप में…
भारत 2025 में: रणनीतिक स्वायत्तता के आंकलन के मझधार में पुनर्संतुलन की चाहत
2025 में भारतीय विदेश नीति को एक जटिल बाह्य वातावरण से गुज़रना पड़ा है| इस दौरान भारत को कुछ कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा है - विशेष रूप से, 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना की दिशा में आर्थिक…
एससीओ में मोदी: भारत की विदेश नीति में चीन की महत्ता
भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगस्त के अंत में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी भेंट होने की संभावना है, जबकि, वैश्विक मंच पर…
पश्चिमी हिंद महासागर में चीन से प्रतिस्पर्धा करने हेतु भारत को बढ़त बनानी पड़ेगी
भारत-चीन भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को परंपरागत रूप से महाद्वीपीय दृष्टि से देखा जाता रहा है, जिसके अंतर्गत दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा विवाद उनकी प्रतिस्पर्धा के अन्य पहलुओं पर हावी होता रहा है। हालाँकि, जैसे-जैसे महाद्वीपीय पड़ोसी समुद्र को नियंत्रित कर…
एक हथियारबंद डॉलर: भारत के लिए अवसर एवं चुनौतियाँ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में, वाशिंगटन अपने सहयोगियों और विरोधियों दोनों के विरुद्ध अप्रत्याशित बदलाव से अपनी आर्थिक ताक़त को थोप रहा है। सत्ता में दोबारा आने के बाद से ट्रम्प ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की रूपरेखा को पुनः…